प्रसंस्करण

मिलिंग पूर्व उपचार एवं प्रसंस्करण दलहनी फसलों में प्रायः बीज  छिलके  से  मजबूती से चिपका रहता है। छिलके को हटाना एवं बीज पत्रों को अलग-अलग करना ही मोटे तौर पर दाल मिलिंग कहलाता है। अरहर में गोंद की मात्रा अधिक होने के कारण दाल बनाने की प्रक्रिया में छिलका मुश्किल से छूटता है। सभी प्रकार की दलहनों में छिलका उतारने तथा दाल प्राप्ति के लिए मिलिंग से पूर्व छिलके की पकड़ कम करने के लिए कुछ उपचारों की आवश्यकता होती है। अरहर की व्यावसायिक मिलिंग हेतु उत्तर भारत में तेल एवं जल उपचार (शुष्क विधि) ही सर्वाधिक प्रचलित है। जबकि देश के दक्षिणी भागों में लाल मिट्टी उपचार (गीली विधि) अधिक प्रचलित है। घरेलू एवं कुटीर स्तर पर अरहर को प्रसंस्करण हेतु जल में भिगोया जाता है। अरहर के लिए कई शोध संस्थानों ने सोडियम बाई-कार्बोनेट तथा उष्मीय उपचार विकसित किए हैं।

  • जल में भिगोने का उपचार                                                   
  • तेल एवं जल उपचार
  • सोडियम  बाई-कार्बोनेट  उपचार
  • ऊष्मीय  उपचार